वूकी होल गुफाएं : इन्द्रधनुषी छटाओं का आनन्द
'धरती पर स्वप्नलोक" की कल्पना करें तो निश्चय ही देश-दुनिया की प्राकृतिक धरोहर अर्थात गिरि-कंदरायें-गुफाएं साकार दिखेंगी। गिरि-कंदराओं एवं गुफाओं को भले ही आदम जमाने का शिल्प मानें लेकिन सौन्दर्य बोध में कहीं किसी से कम नहीं।
'वूकी होल गुफाएं" अपने खास सौन्दर्य केलिए दुनिया में ख्याति रखती हैं। इंग्लैण्ड स्थित 'वूकी होल गुफाएं" सामान्यता देश-दुनिया की अन्य गुफाओं की भांति है लेकिन 'वूकी होल गुफाओं" में इन्द्रधनुषी छटाएं खिलती-निखरती हैं। यह इन्द्रधनुषी छटाएं दर्शकों-पर्यटकों को लुभातीं हैं। 'वूकी होल गुफाओं" में पत्थरों की चमक लुभाती है तो वहीं जलधारा-जलतरंग-जलप्रवाह भी सौन्दर्य में चार चांद लगाता है।
सौन्दर्ययुक्त इस गुफा में कैल्शियम एवं कार्बोनेट के चमकदार क्रिसट्ल्स प्रचुर तादाद में पाये जाते हैं। चूूना पत्थर वाली चट्टान श्रंखला में असंख्य रसायनिक तत्व उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों की मानें तो चट्टानों में दस प्रतिशत से अधिक चूना आधारित तत्व हैं। घुलनशीलता होने के बावजूद एसिड की पर्याप्त उपस्थिति चट्टानों को कहीं से भी कमजोर नहीं होने देती। यह चूना पत्थर हजारों-लाखों वर्ष तक यथावत रखता है। टूथपेस्ट या पेंट जैसे पदार्थों का एहसास भी यहां होता है।
वूकी होल गुफाओं में नदी का शानदार अवतरण होता है तो वहीं झरना का अद्भूत विहंगम दृश्य मन को भाता है। वैज्ञानिकों की मानें तो वूकी होल गुफा एक चूहात्मक गुफा है। अम्लीय भूजल कार्बोनेट चट्टानों को धुल देता है। इन गुफाओं में आैषधीय तत्व भी पर्याप्त तादाद में पाए जाते हैं। जिससे दर्शकों एवं पर्यटकों को ताजगी का एहसास होने के साथ साथ स्वास्थ्यवर्धक परिवेश मिलता है।
गुफा के अंदर प्रवाहित होने वाली नदी को भी वूकी नदी के नाम से जाना जाता है। गुफा में अवतरण होने के बाद वूकी नदी अन्तोगत्वा सागर में विलीन हो जाती है। वूकी होल गुफाएं हिमयुग से भी वाकिफ कराती हैं। 'वूकी होल गुफाओं" की खोज वास्तव में 1874 के आसपास हुयी।
पुरातत्व जांच में विलियम बॉयड र्डाकिन्स ने इसकी खोज की थी। गुुफा के एक हिस्से में रोमानो-ब्रिटिश कब्रिस्तान भी है। दर्शक-पर्यटक वूकी होल गुफाओं की जलधारा में तैराकी का लुफ्त उठा सकते हैं तो वहीं खुले सर्किट में एयर ड्राइविंग के भी मजे ले सकते हैं।

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