Wednesday, 27 September 2017

अब घर की दीवार को सुगंधित पौधों से सजाएं

     पर्यावरण से लबरेज परिवेश किसे नहीं भाता। पेड़-पौधों की भीनी-भीनी सुगंध मन-मस्तिष्क को प्रफुल्लित कर देती है। चाहे सर्दी हो या गर्मी, मौसम का प्रभाव घर-आशियाना में अवश्य पड़ता है। ऐसे में घर-आंगन, ड्राइंग रुम, लॉबी खासतौर से शयनकक्ष से लेकर मेहमानखाने तक सुगंधित पौधों की श्रंखला हो तो क्या कहने ?


     जीवन का भरपूर आनन्द इस परिवेश में दिखेगा। पौधों से परिवेश में घुलती-मिलती सुगंधित आबो-हवा मन-मस्तिष्क को प्रफुल्लित कर देती है। हालांकि शयनकक्ष से लेकर मेहमानखाने तक सुगंधित पौधों को लगाना-सजाना काफी मुश्किल काम होगा। कभी करीने से गमलों को सजाना-लगाना तो कभी पौधों के अनुरूप स्थल को विकसित करना, काफी दुश्वारियों भरा लगता है। 
      हालांकि शोध-अनुसंधान ने इन मुश्किलों-दुश्वारियों को काफी पीछे छोड़ दिया। इजराइल के वैज्ञानिक-इंजीनियर्स, शोधकर्ताओं व विशेषज्ञों ने इस दिवास्वप्न को सच कर दिखाया। वर्टिकल गार्डेन में फूल उगाएं या सब्जियां पैदा करें या फिर खाद्यान्न की फसल लहलहायें। इजराइल की कम्पनी 'ग्रीनवाल" ने खास तकनीकि से विकसित वर्टिकल गार्डेन की रुपरेखा को आकार दिया है।
      विशेषज्ञों की मानें तो बहुमंजिला इमारतों के बाशिंदे दीवारों पर खाद्यान्न की पसंदीदा फसल उगा सकते हैं। ग्रीनवाल कम्पनी के वैज्ञानिकों ने एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का विकास किया है। इसमें इमारत के अंदर व बाहर की दीवार पर बहुआयामी गार्डेन को आयाम देने का सिस्टम बनाया। इसमें पारम्परिक बाग-बगीचा-गार्डेन की तुलना में बहुत ही कम स्थान घेरने की आवश्यकता पड़ती है।
      सिस्टम ऐसा है कि ऊंचे गार्डेन की परिकल्पना को भी साकार किया जा सकता है। इजराइल में इसे मूर्तरुप दिया गया है। इजराइल की अधिसंख्य इमारतों में हाईराइज गार्डेनिंग दिखती है। ग्रीनवाल ने वर्टिकल गार्डेनिंग-प्लांटिंग सिस्टम बनाने के साथ-साथ पौधों व खेती के लिए अनुकूल मिट्टी भी उपलब्ध कराती है। इस सिस्टम में स्मॉल मॉड्युलर युनिट का उपयोग किया जाता है। यह युनिट वैज्ञानिकों-विशेषज्ञों ने खास तौर से विकसित किए हैं। 
     यह स्मॉल माड्युलर युनिट दीवार पर इस प्रकार लगाए जाते हैं जिससे पौधे बाहर न गिरें। इन युनिट से गार्डेन की डिजाइन में बदलाव भी किया जा सकता है। रिफ्रेश करने के लिए युनिट को बाहर निकाला या बदला जा सकता है। सिस्टम कुछ ऐसा ही बनाया गया है। पौधों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कम्प्युटराईजेशन की सहायता ली गयी है। मॉनीटरिंग, सेंसर व कंट्रोल सिस्टम को इजराइल के वाटर मैनेजमेंट कम्पनी गैलकॉन की सहायता से विकसित किया गया है। 
      पर्यावरण संवर्धन की दिशा में इटली भी पीछे नहीं रहा। इटली के मिलान शहर में पर्यावरण का नायाब नमूना देखने को मिल रहा। पर्यावरण का यह नया व नायाब तरीका न केवल बेहतरीन है बल्कि टिकाऊ भी है। मिलान की इस बिल्डिंग को पर्यावरण संवर्धन व संरक्षण को ध्यान में रख कर डिजाइन किया गया। मिलान की खास तौर से दो इमारतों में नौ सौ से अधिक पेड़ व चौदह हजार से अधिक पौधे लगाए गए। 
       इन सभी पेड़-पौधों को बिल्डिंग में बेहतरीन तरीके व सलीके से उपयोग किया गया। मिलान में इन बिल्डिंगों को 'बॉस्को वर्टिकल" के नाम से जाना जाता है।
      पर्यावरण अच्छादित व खूबसूरती के लिए मिलान की इन दो बिल्डिंगों को सीटीबीयूएच एवार्ड भी हासिल हो चुका है। इन इमारतों के बाशिंदों को पर्यावरण के भरपूर फायदे मिलते हैं। पेड़ गर्मियों में धूप व तपिश को अंदर नहीं जाने देते तो वहीं सर्दियों में तेज हवाओं को रोकते हैं। पेड़ धूल के महीन कण श्रंखला को बाहर ही रोक लेते हैं तो वहीं अन्य गंदगी भी अन्दर नहीं जाने पाती।
       साथ ही बाशिंदों का उमस से भी बचाव होता है। दुनिया में बढ़ते प्रदूषण के बीच प्रयोगधर्मिता की इन दोनों इमारतों को दुनिया की खूबसूरत इमारतों में माना जा रहा है। यह इमारतें पर्यावरण प्रेमियों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं तो वहीं बाशिंदों को एक खुशनुमा परिवेश उपलब्ध करा रही हैं।

No comments:

Post a Comment

टियाटिहुआकन : पिरामिड श्रंखला का शहर     'रहस्य एवं रोमांच" की देश-दुनिया में कहीं कोई कमी नहीं। 'रहस्य" की अनसुलझी गु...