स्नेक आइलैण्ड : सांपों की सल्तनत
'सांपों की सल्तनत" जी हां, दुनिया में एक स्थान ऐसा भी है, जहां सांपों की सल्तनत अर्थात हुकूमत चलती है। आश्चर्य ही होता है कि कहीं पशु-पक्षियों-जीव-जन्तुओं की हुकूमत हो।
यह कोई कपोल कल्पना या किवदंती नहीं बल्कि हकीकत है। ब्राजील दुनिया में अपनी खूबसूरती-सौन्दर्य के लिए जाना जाता है लेकिन ब्राजील की धरती पर जहरीलापन भी कम नहीं। ब्राजील का 'स्नेक आइलैण्ड" असंख्य सर्प प्रजातियों से अच्छादित है। धरती हो या पेड़-पौधे सभी स्थान पर सांप-सर्प मिल जायेंगे। दुनिया की शायद ही कोई सर्प प्रजाति हो जो यहां न मिले। सांप खतरनाक भी आैर खूंखार भी। खंखार ऐसे जिसे देख कर ही इंसान की मौत हो जाये। खतरनाक ऐसे जिसके दंश से पल-दो पल की ही जिन्दगी शेष रहे।
विशेषज्ञों की मानें तो साओ पौलो से करीब 93 मिल दूर यह एक समुद्री टापू है। इसे ब्राजील सहित दुनिया में 'स्नेक आइलैण्ड" के नाम से जाना जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो इस 'स्नेक आइलैण्ड" में सर्प संख्या का घनतत्व अत्यधिक है। आैसत हर वर्ग मीटर में पांच से छह सर्प पाये जाते हैं। हालात यह हैं कि एक बेड के स्थान पर छह से आठ या दस सांप आसानी से पाये जाते हैं।
स्नेक आइलैण्ड के सर्प अत्यंत जहरीले अर्थात दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में गिने जाते हैं। सर्प दंश से कोई भी व्यक्ति बमुश्किल दस से पन्द्रह मिनट जिन्दा रह पाता है। विशेषज्ञों की मानें तो ब्रााजील में होने वाली मौतों के लिये सर्प दंश ही मुख्य कारक है। ब्रााजील में 90 प्रतिशत मौतें तो सर्प दंश से होती हैं। इस आइलैण्ड का क्षेत्रफल करीब साढ़े चार लाख वर्गमीटर है।
सांपों की संख्या बीस लाख से अधिक आंकलित है। इनको गोल्डन पिटवाइपर सांप के तौर पर जाना जाता है। इस आइलैण्ड में शायद ही कोई ऐसी जगह हो जहां सांप न हो। कहीं जमीन पर सांप चलते दिखेंगे तो कहीं पेड़ पर लटके दिख जायेंगे तो कहीं चट्टान में छिपे होंगे। हालांकि ब्राजील प्रशासन की ओर इस विलक्षण टापू में आम व्यक्तियों का प्रवेश पूूर्णतय: वर्जित है।
ब्राजीलियन नेवी ने क्षेत्र को प्रतिबंधित कर रखा है लेकिन ऐसा नहीं है कि कोई इस आइलैण्ड में नहीं जाता। सर्प विशेषज्ञ एवं शोधार्थी निरन्तर 'स्नेक आइलैण्ड" आते-जाते है तो कुछ प्रवास भी करते हैं। सामान्तय इस आइलैण्ड में किसी के जाने की हिम्मत नहीं पड़ती। इस आइलैण्ड का नाम 'इलहा डी क्विमाडा ग्रांड" है लेकिन सामान्यत इसे 'स्नेक आइलैण्ड" के नाम से जाना जाता है।
यह पूरा क्षेत्र बंजर, चारागाह व चट्टानों से आच्छादित है। इस आइलैण्ड में इल्हा दा वनस्पति प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। वनस्पतियों के साथ साथ पक्षियों की दर्जनों प्रजातियां कोलाहल करती रहती हैं। खास यह है कि पशु-पक्षियों व वनस्पतियों तथा सांपों की आबादी को एक दूसरे से कहीं कोई खतरा नहीं। यह वन क्षेत्र वर्षा क्षेत्र के लिए भी जाना जाता है। स्नेक आइलैण्ड के चौतरफा समुद्री क्षेत्र होने के कारण शीतलता की अनुभूति होती है।

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