इग्वाजू नदी : पौने तीन सौ झरनों की श्रंखला
'सौन्दर्य का खजाना" निश्चय ही मन-मस्तिष्क को तारो-ताजा एवं प्रफुल्लित कर देता है। देश-दुनिया में प्राकृतिक खजाना की कहीं कोई कमी नहीं।
देश-दुनिया के लिए यह जहां एक ओर राजस्व का बड़ा माध्यम है तो वहीं दूसरी ओर पर्यटकों के विशेष आकर्षण के केन्द्र भी हैं। इनमें अद्भूत एवं विलक्षणता से परिपूरित दृश्य मन को लुभाते हैं। अर्जेंटीना एवं ब्रााजील सीमा की 'नदी इग्वाजू" अपने प्राकृतिक सौन्दर्य से देश-दुनिया के आकर्षण का केन्द्र बनी है। देश-दुनिया के लाखों पर्यटक इस नदी की विलक्षणता की एक झलक पाने के लिए लालायित दिखते हैं।
दुनिया के सात प्राकृतिक चमत्कारों में 'इग्वाजू नदी" भी शामिल है। नदी के झरनों को देख कर कौतुहल होता है कि आखिर यह भी है ?। नदी क्षेत्र में एक स्वप्न सा लगता है क्योंकि एक साथ एक स्थान पर पौने तीन सौ झरनों को गिरते देखना किसी स्वप्न से कम नहीं लगता। झरनों का यह समूूह करीब तीन किलोमीटर के दायरे में फैला है।
एक साथ झरनों के समूह-श्रंखला को देखना किसी रोमांच से कम नहीं होता। वर्ष 1986 में झरनों की इस श्रंखला को यूनेस्को ने वल्र्ड हेरिटेज क्षेत्र घोषित किया है। झरनों के इस क्षेत्र को मिसिओनेस के नाम से जाना जाता है। अर्जेंटीना को दुनिया में सर्वाधिक प्राकृतिक सौन्दर्य वाला देश माना जाता है। इन प्राकृतिक सौन्दर्य में झरनों की यह श्रंखला भी है। इग्वाजू नदी का यह झरना श्रंखला विश्व में प्रसिद्ध है।
अर्जेंटीना ने इस क्षेत्र को राष्टीय उद्यान क्षेत्र घोषित किया है। अर्जेंटीना का सौन्दर्य से परिपूरित यह क्षेत्र करीब बीस किलोमीटर के दायरे में है जबकि झरना श्रंखला करीब तीन किलोमीटर दायरे में है। इग्वाजू नदी करीब 1200 किलोमीटर की यात्रा तय करती है। इसका उद्भव ब्राजील से है तो अर्जेंटीना में इसकी खूबसूरती दिखती है। नदी की इस यात्रा में पठार श्रंखला की समृद्धता दिखती है।
बलुआ पत्थर श्रंखला की इस क्षेत्र में बहुलता है। झरना एवं नदी क्षेत्र में परतों एवं दरारों की श्रंखला दिखती है। यह प्राकृतिक सौन्दर्य का अद्भूत दृश्य होता है। भौगोलिक दशा ऐसी है कि झरना एवं नदी के जल प्रवाह से भीषण एवं भयंकर गर्जना सुनाई देती है।
ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे कोई राक्षस गर्जना कर रहा हो। किवदंती है कि इस नदी में बोई नाम का सांप रहता है। यह सांप नित्य वर्ष आदिवासी समुदाय से एक आैरत की बलि लेता था। जिससे एक भय भी था। एक बार एक बहादुर महिला गुआरानी अबोरीगिन ने इस मिथक को तोड़ दिया। गुआरानी ने नदी से संघर्ष कर खुद को बचा लिया। वस्तुत: जल प्रवाह में महिला का बलिदान हो जाता था।
सौन्दर्य बोध को रेखांकित करने वाला झरना श्रंखला चांद की खूूबसूरती का अवलोकन कराता है। झरना श्रंखला के बीच चांद ऐसे दिखता है, जैसे चांद झरनों के साथ चल रहा है। झरना श्रंखला को देखने के लिए नदी के उपर एक शानदार पुल भी बना है।
जिससे पर्यटक-दर्शक झरनों को आैर अधिक निकट जाकर सौन्दर्य का आनन्द ले सकते है। पर्यटन की दृष्टि आवागमन के संसाधन विकसित किये गये हैं।

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