Thursday, 9 November 2017

मान्यता-परम्परा : हवा में लटकते शव

   'परम्पराओं एवं मान्यताओं" का कहीं कोई अंत नहीं। जी हां, देश-दुनिया में अजीब-ओ-गरीब मान्यतायें एवं परम्परायें देखने-सुनने को मिलती हैं।

  अभी तक हैंगिंग टेम्पल, हैंगिंग फ्लाईओवर-ओवरब्रिाज, हैंगिंग रेस्ट्रां, हैंगिंग हाउस, हैंगिंग गार्डन आदि-अनादि सुुुना होगा लेकिन हैंगिंग कॉफिन नहीं सुना होगा लेकिन दुनिया में यह भी परम्परा है कि ताबुत (कॉफिन) को पहाड़ की चोटी पर लटकाया जाये।
    आम तौर पर शव का अंतिम संस्कार करने से लेकर जमीन या कब्रिस्तान में दफन करने की व्यवस्थायें-परम्परायें देखते सुनते आये हैं लेकिन शव को ताबुुत में रख कर हवा में लटकाना नहीं सुना होगा। 
     दुनिया के कई देशों में समुदायों के बीच परम्परा है कि शव को ताबुत में रख कर पहाड़ पर लटका दिया जाये। बताते हैं कि दुनिया में यह परम्परा करीब दो हजार वर्ष पुरानी है। मान्यता है कि पहाड़ों पर शव रखने से मृत व्यक्ति का अस्तित्व आसानी से प्रकृति की आबोहवा में मिल जाता है।
    हैंगिंग कॉफिन्स की परम्परा खास तौर से दुनिया के तीन देशों में देखने-सुनने को मिलती है। चीन, इण्डोनेशिया एवं फिलीपींस में यह परम्परा लम्बे समय से चली आ रही है। फिलीपींस के सगाधा में यह परम्परा सदियों से चली आ रही है।
     चीन में यांगटजी नदी के किनारे हैंगिंग काफिंस देखने को मिल जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह ताबुत मिंग राजवंश काल के हैं। किसी समय इस स्थान पर कॉफिन्स एक हजार से भी अधिक थे लेकिन अभी धीरे-धीरे यह संख्या काफी कम हो गयी है।
    हालांकि अब इन कॉफिन्स को संरक्षित कर दिया गया है। इस स्थान को अब पर्यटन स्थलों की भांति मान्यता दी गई है। चीन के ताबुत बेहद खतरनाक तौर-तरीके पर दिखते हैं। आश्चर्य होता है कि आखिर ताबुत को इन खतरनाक स्थल पर कैसे रखा गया ? फिलीपींस में तो कुछ अलग ही परम्परा है। 
  फिलीपींस के बुजुर्ग मृत्यु से पहले ताबुत को खुद तैयार करते-कराते हैं। परिजनों को अपनी भावनाओं से अवगत करा देते हैं कि उनकी इच्छा के मुताबिक शव को ताबुत में रख कर हवा में लटकायें। जिससे उनके शरीर का अस्तित्व प्रकृति की गोद में समविष्ट हो जायें।
    मृत्यु के पश्चात शव को उसमें रख कर पहाडी गुफा में रख दिया जाता है। इण्डोनेशिया के सुलावेसी में भी इस तरह की मान्यतायें एवं परम्परायें मिलती हैं। इसी तरह की मान्यतायें परम्परायें दुनिया के कई देशों में देखने-सुनने को मिलती हैं।

No comments:

Post a Comment

टियाटिहुआकन : पिरामिड श्रंखला का शहर     'रहस्य एवं रोमांच" की देश-दुनिया में कहीं कोई कमी नहीं। 'रहस्य" की अनसुलझी गु...