कापूचिन कैटाकोम्ब : आश्चर्यजनक किन्तु सत्य
'आश्चर्यजनक किन्तु सत्य" जी हां, कब्रिास्तान तो देखे सुने जाते हैं लेकिन शव संग्रहालय बहुत कम ही सुना जाना गया।
इटली में दुनिया का सबसे अजूबा संग्रहालय है। हालांकि संग्रहालय संवेदनशील
एवं कमजोर ह्मदय वाले व्यक्तियों को अवलोकन की इजाजत नहीं देता। इस
आश्चर्यजनक संग्रहालय को देश-दुनिया में 'कापूचिन कैटाकोम्ब" के नाम से
जाना-पहचाना जाता है।
इसे अनोखा कब्रिास्तान कहा जाये या शव संग्रहालय की संज्ञा दी जाये।
विशेषज्ञों की मानें तो सदियों पुराने इस शव संग्रहालय में करीब दस हजार शव
संग्रहित हैं। यह एक ऐसा शव संग्रहालय है, जहां शव को ममी बना कर सुरक्षित
रखा गया है।
इटली के शहर सिसली में स्थित इस शव संग्रहालय को देखने देश दुनिया के
असंख्य पर्यटक आते हैं। 'कापूचिन कैटाकोम्ब" शायद दुनिया को विलक्षण एवं
अनोखा शव संग्रहालय है। 'कैटाकोम्ब" का शाब्दिक अर्थ अण्डर ग्राउण्ड
कब्रिास्तान होता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्राचीन रोम में इस तरह के कब्रिास्तान बहुतायत
में पाये जाते थे। लेकिन 'कापूचिन कैटाकोम्ब" काफी हद तक 'कैटाकोम्ब" से
अलग है। यहां शव को दफनाने के स्थान पर ममी की भांति सजा-संवार कर सुरक्षित
रखा जाता है।
यह कब्रिस्तान एक संग्रहालय की भांति है। 'कापूचिन कैटाकोम्ब" में शव को
रखने के लिए अलग-अलग सेक्शन अर्थात वर्ग बने हुये हैं। मसलन पुरुष वर्ग,
महिला वर्ग, बाल वर्ग, कुंवारी कन्याओं का वर्ग, संत-महात्माओं का वर्ग,
शिक्षक वर्ग, चिकित्सक वर्ग एवं सैनिक-रक्षा विशेषज्ञ वर्ग आदि-इत्यादि
हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इस शव संग्रहालय में प्रथम ममी वर्ष 1599 में
बनायी गयी थी।
यह शव ब्रादर सिल्वेस्ट्रो का था। हालांकि वर्ष 1880 में इस कब्रिास्तान
को अधिकृत तौर पर बंद कर दिया गया था। बताते हैं कि बंद होने के बायजूद
अक्सर शव को लेकर लोग आते थे। अन्तोगत्वा, एक बार फिर संग्रहालय की हलचल
होने लगी। वर्ष 1920 में एक बच्ची का शव आया। इसे ममी बना कर संरक्षित कर
लिया गया।
बच्ची के इस शव अर्थात ममी को देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे बच्ची
सो रही हो। गहरी निद्रा में हो। यह बच्ची रोसलिया लबाडरे थी। इस ममी को
संग्रहालय में 'स्लीपिंग ब्यूटी" नाम दिया गया। यह रहस्य अभी भी कायम है कि
बच्ची के शव को ममी बनाने में आखिर कौन सा रसायन उपयोग में लाया गया
क्योंकि बच्ची की ममी अभी भी वैसी ही है।
विशेषज्ञों की मानें तो 'कापूचिन कैटाकोम्ब" की स्थापना केवल कैथालिक
संत-महात्माओं के शव संरक्षित-सुरक्षित रखने के लिए किया गया था लेकिन
धीरे-धीरे इस संग्रहालय में शव को ममी के तौर पर रखा जाना सामाजिक
प्रतिष्ठा एवं सामाजिक रुतबा माना जाने लगा।
इस संग्रहालय में मृतक के परिजनों से बकायदा शुल्क वसूला जाता है। जिससे
संग्रहालय के रखरखाव का खर्च चले। यदि किसी ममी का शुल्क आना बंद हो जाता
है तो उस ममी को संग्रहालय से हटा दिया जाता है। 'कापूचिन कैटाकोम्ब"
देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए हमेशा खुला रहता है।
हालात यह हैं कि यह शव संग्रहालय इटली का विशेष आकर्षण बन चुका है। यह
शव संग्रहालय अंदर से जितना डरावना लगता है, उतना ही अधिक आकर्षण भी है।
हालांकि संग्रहालय तक पहंुचना का रास्ता संकरी गलियों से हो कर गुजरता है।
फिर भी शव संग्रहालय में ममियों को देखने बड़ी संख्या में देश विदेश के
पर्यटक पहुंचते हैं।

No comments:
Post a Comment